‘परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियाँ’: संभावनाएँ और चुनौतियाँ

राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग

संदर्भ

पिछले पाँच वर्षों में बैंकों के ‘अशोध्य ऋण’ (Bad Debt) के समाधान और वसूली में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हालाँकि, व्यवस्था में अभी भी लगभग 10 लाख करोड़ रुपए की तनावग्रस्त परिसंपत्ति का समाधान नहीं हो सका है।

कंपनी अधिनियम, 2013’ में समाविष्ट ‘राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी’ (National Asset Reconstruction Company- NARCL) उधारदाताओं के बैलेंस शीट के त्वरित समाधान की एक उम्मीद पैदा करती है।

NARCL का गठन एक स्वागतयोग्य पहल तो है, लेकिन उच्च और आवर्ती गैर-निष्पादित संपत्ति निर्माण के संचय की मूलभूत समस्या को संबोधित करना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है।

भारत में परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियाँ (ARCs)

ARCs की स्थिति: वर्तमान में परिचालित 28 ARCs (निजी क्षेत्र) में से कई की भूमिका काफी सीमित है। केवल शीर्ष 5 ARCs ही प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (Asset Under Management- AUM) के 70% से अधिक और पूंजी के 65% से अधिक भाग के लिये उत्तरदायी हैं।

  • यहाँ तक ​​कि निजी क्षेत्र के ARCs ने भी ‘जॉम्बी एसेट्स’ की बिक्री में बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है और अधिग्रहित परिसंपत्तियों में से मात्र 13.9% की बिक्री में सफल हुए हैं।
  • लगभग एक तिहाई ऋण पुनर्निर्धारित किये गए हैं।
  • यह उतना मूल्यवर्द्धन नहीं है जितना कि उधारदाताओं ने बिना किसी अतिरिक्त लागत के कर लिया होता।

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