2.2 सकल राष्ट्रीय उत्पाद

Indian economy भारतीय अर्थव्यवस्था राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग
  1. GNP और GDP की अवधारणाएं परस्पर घनिष्ठ रूप से संबंधित है जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है कि GDP की अवधारणा का अर्थ एक निश्चित समय अवधि में किसी देश की घरेलू सीमा निवासियों और गैर निवासियों दोनों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्यों से है। इस प्रकार GDP में ‘उत्पादन किसके द्वारा किया गया है‘ के स्थान पर ‘उत्पादन कहां पर हुआ है‘ पर ध्यान जाता है।
  2. दूसरी और घरेलू सीमा के भीतर या बाहर एक देश के निवासियों द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के कुल मूल्य को GNP कहते है। इस प्रकार जब भारत के जीवन पर की गणना की जाती है तो इसके अंतर्गत भारत के भीतर तथा विश्व के अन्य देशों में भारतीय नागरिकों द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के कुल मूल्यों की भी गणना की जाती है।
  3. आइए एक उदाहरण के माध्यम से विशेष सरल तरीके से समझते हैं जैसे माइक्रोसॉफ्ट USA की एक फर्म है जब भारत में कोई कंपनी खुलती है तो उसके उत्पादन का मूल्य भारत की GDP में सम्मिलित किया जाएगा लेकिन भारत के GNP की गणना करते समय से सम्मिलित नहीं किया जाएगा। जब इंफोसिस टीसीएस जैसी भारतीय कंपनियां अमेरिका में अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाती हैं तो इन सेवाओं का मूल्य भारत की GDP में सम्मिलित नहीं किया जाता है लेकिन भारत के GNP की गणना करते समय उन्हें सम्मिलित किया जाता है।इस प्रकार GDP ‘जहां उत्पादन होता है’ उससे संबंधित है जबकि दूसरी ओर GNP ‘जो उत्पादन करते हैं‘ से संबंधित है।
  4. यदि किसी अर्थव्यवस्था में FDI का अंतर्प्रवाह काफी अधिक है तथा बहिरप्रवाह अत्यल्प है तू ऐसी परिस्थिति में सामान्यतः उक्त देश की GDP उसके GNP की तुलना में अधिक होगी वहीं दूसरी ओर यदि किसी देश के नागरिक अत्यधिक संख्या में विदेश जाते हैं एवं वह आर्थिक गतिविधियों में संलग्न होकर अपने गृह देश में बहुत अधिक पैसा भेजते हैं।जबकि उस देश में विदेशी नागरिकों की आर्थिक गतिविधियां न्यून है (अर्थात विदेशी नागरिक यहां से अपने गृह देश में कम पैसा भेजते हैं) तो ऐसी परिस्थितियों में उस देश की GNP उसके GDP से अधिक होगी भारत की बात करें तो इसके GNP के GNP की तुलना में कम है क्योंकि भारत में विदेशों से प्राप्त होने वाला है सदैव नकारात्मक रही है।
  5. यद्यपि GDP का उपयोग किसी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की स्थिति को जानने के लिए किया जाता है किंतु कुछ अर्थशास्त्री इसे एक राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित करने वाला नही मानते है।चूंकि GDP की गणना में विदेशी कंपनियों द्वारा किसी देश में अर्जित लाभ को भी सम्मिलित किया जाता है और यह लाभ इन विदेशी निवेशकों द्वारा अपने ग्रह देश या अन्य देश में भी पुनः प्रेषित कर दिए जाते हैं ऐसी स्थिति में यदि देश के बाहर भेजा जाने वाला उक्त लाभ किस देश के नागरिकों द्वारा विदेशों में अर्जित आय एवं विदेशी परिसंपत्तियों से कैलाश की तुलना में बहुत अधिक है तो निश्चित ही उस देश का GDP उसके GNP की तुलना में अत्यंत कम होगी।

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