भारत में ‘चीतों’ की वापसी

राज्य लोक सेवा आयोग

वर्ष 1952 में विलुप्त होने के पश्चात् ‘चीते’ की एक बार पुनः भारत में वापसी हेतु केंद्र सरकार ने हाल ही में एक कार्य योजना शुरू की है, जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में देश में तकरीबन 50 चीते लाए जाएंगे। कार्य योजना के अनुसार, पहले वर्ष के दौरान सभी ‘चीतों’ को नामीबिया या दक्षिण अफ्रीका से लाया जाएगा। दुनिया के सबसे तेज़ दौड़ने वाले जानवर- चीते को नवंबर 2021 में मध्य प्रदेश में पुनः प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन महामारी के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी। ध्यातव्य है कि चीता वर्ष 1952 में भारत से विलुप्त हो गया था। देश में चीतों की विलुप्ति के दो विशेष कारण थे। पहला- जानवरों के शिकार के लिये चीता को पालतू बनाया जाना तथा दूसरा- कैद में रहने पर चीता प्रजनन नहीं करते। अपनी तेज़ गति तथा बाघ व शेर की तुलना में कम हिंसक होने की वजह से इसको पालना आसान था। तत्कालीन राजाओं और ज़मीदारों द्वारा इसका प्रयोग अक्सर शिकार के लिये होता था जिसमें ये अन्य जानवरों को पकड़ने में उनकी मदद करते थे।

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