5G माइक्रोवेव अवशोषक

राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग

हाल ही में केरल में एक वैज्ञानिक समूह ने ‘5G माइक्रोवेव अवशोषक’ विकसित किये हैं, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण के विरुद्ध एक प्रभावी सुरक्षा कवच के रूप में काम कर सकते हैं। ध्यातव्य है कि स्मार्ट और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती खोज ने दुनिया को ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रदूषण’ के अपरिहार्य खतरे में डाल दिया है। हाई-एंड उपकरणों को प्रभावित करने के अलावा ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप’ (EMI) जीवित जीवों के स्वास्थ्य के लिये भी हानिकारक माना जाता है। 5जी प्रौद्योगिकी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के मौजूदा युग में जब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और इंटरनेट की मदद के बिना नियमित काम करना मुश्किल हो गया है तथा अधिकतर कार्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों के आसपास ही हो रहा है, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रदूषण के कारण उत्पन्न समस्याओं को संबोधित करना महत्त्वपूर्ण हो जाता है। केरल के शोधकर्त्ताओं द्वारा विकसित यह ‘5G माइक्रोवेव अवशोषक’, एक ‘मेयनाइट इलेक्ट्राइड’ है, जो कि रासायनिक रूप से स्थिर है। इसने उच्च आवृत्ति क्षेत्र में विशेष रूप से 5G बैंड में असाधारण माइक्रोवेव अवशोषण क्षमता का प्रदर्शन किया है। आयनिक (रासायनिक पदार्थ जिनमें नकारात्मक रूप से आवेशित आयन होते हैं) इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति उच्च चालकता प्रदान करती है, जो उच्च इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग क्षीणन के इसके गुण हेतु उत्तरदायी है।

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