1.2.5 सामाजिक कारण

हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार ने भी सामाजिक असंतोष को बढ़ा दिया था। धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता के अभाव के कारण भी लोगों में आक्रोश की भावना थी गरीबों पर अनावश्यक कर आरोपित कर दिए गए थे सभी गैर मुस्लिम लोगों पर कर लगा दिया गया था। 1.2.6 धार्मिक कारण औरंगजेब स्वभाव से बड़ा […]

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मुग़ल साम्राज्य का पतन

1.1 पृष्ठभूमि मुग़ल साम्राज्य की स्थापना ज़हीरुद्दीन बाबर द्वारा 1526 इ. में पानीपत के प्रथम युद्ध में में निर्णायक विजय के पश्चात् की गइ थी तथा साम्राज्य का विस्तार ईनके उत्तराधिकारियों के समय में भी जारी रहा। औरंगजेब (1657-1707) के शासन काल में मुगल साम्राज्य का क्षेत्रीय विस्तार अपने चरम पर पहुंच गया था। इसके […]

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2. क्षेत्रीय शक्तियों का उदय

2.1 पृष्ठभूमि 1761 तक , मुगल साम्राज्य केवल नाम मात्र के लिए साम्राज्य रह गया था, क्योंकि इसकी कमजोरियों ने स्थानीय शक्तियों को स्वतंत्र होने का अवसर प्रदान किया।फिर भी , मुगल सम्राट की प्रतीकात्मक सत्ता बनी रही, क्योंकि उन्हें अभी भी राजनीतिक वैधता का स्त्रोत माना जाता था। नए राज्यों ने प्रत्यक्ष रुप से […]

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भारत में ब्रिटिश शासकों की आर्थिक नीति एवम उसका प्रभाव

भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश प्रभाव मुगल शासक औरंगजेब की मृत्यु के बाद सहज ही परिलक्षित होने लगा था। उच्चवर्ती मुगल शासकों द्वारा तत्कालीन यूरोपीय व्यापारियों को दी गई उदारतापूर्वक रियायतों ने स्वदेशी व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही व्यापार और वाणिज्यिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ती गई। ऐसी स्थिति में यहां की घरेलू अर्थव्यवस्था […]

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