हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2021

हाल ही में लंदन स्थित ‘हेनले एंड पासपोर्ट’ ने हेलने पासपोर्ट इंडेक्स 2021 जारी किया। भारत को 90वे पायदान पर जगह मिली है। भारत की रैंकिंग में 6 स्थानों की गिरावट आई है, पिछले साल भारत को 84वे स्थान पर जगह मिली थी। भारत के पासपोर्ट के साथ 58 देशों में वीजा फ्री यात्रा की […]

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आर्थिक प्रगति

आर्थिक प्रगति शब्द का सन्दर्भ उन मूल्यगत निर्णयों से है जिसके द्वारा यह निष्कर्ष प्राप्त किया जाता है कि ‘क्या वांछनीय है’ और ‘क्या अवांछनीय है ‘ यह आर्थिक विकास एवं आर्थिक संवृद्धि से कुछ और अधिक है। यह आर्थिक संवृद्धि /विकास के न्यायोचित वितरण के पक्ष पर ध्यान केंद्रित करता है। यह एक धनात्मक […]

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पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों की पराजय के कारण

अब्दाली के सैन्य बलों की संख्या मराठा सैन्य बलों से अधिक थी। दिल्ली से संपर्क काट दिए जाने से मराठा शिविर में अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बिना भेदभाव किए लूटमार करने की मराठा नीति से मुस्लिम और हिंदू शक्तियां जैसे जाट और राजपूतों ने भी मराठों का साथ छोड़ दिया था। मराठा […]

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आर्थिक संवृद्धि एवम विकास

सामान्य परिचय : अर्थव्यवस्था की समझ विकसित करने से पहले यह समझना जरूरी है कि किसी देश की आर्थिक गतिविधियों का मूलभूत उद्देश्य क्या होना चाहिए ? साथ ही अर्थव्यवस्था का आम आदमी के जीवन से सरोकार होता है? वस्तुतः सभी आर्थिक गतिविधियों और क्रियाओं का उद्देश्य मानव जीवन को अभावयुक्त, सुविधाजनक और गुणवत्तायुक्त बनाना […]

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3.3 सरकारी पहलें

2016-17 में राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए निर्धारित लक्ष्य 15,000 किमी में से फरवरी 2017 के अंत तक कुल 6604 किमी निर्मित किया जा चुका है। हाल ही में हुए कुछ नवीनतम विकास कार्य इस प्रकार है : 2017 में भारत में परिवहन अवसंरचना क्षेत्र लगभग 6.1% वास्तविक दर से बढ़ी है तथा इसके 2021 तक […]

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वर्ण व्यवस्था (Varna System)

किसी भी समाज के व्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक माना जाता है कि समाजिक कार्यों का विभाजन व्यक्ति की योगिता, प्रकृति, प्रवृत्ति एवं उसके गुण व कर्मो के आधार पर किया जाए। व्यक्ति की कार्य क्षमता के आधार पर कर्म विभाजन करने को वर्ण व्यवस्था कहा जाता है। साधारण शब्दों मे इसे विवेचित कर सकते हैं- […]

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क्षेत्रीय शक्तियों का उदय

2.2.2( अवध ) अवध प्रांत पश्चिम में कन्नौज जिले से पूर्व में कर्मनाशा नदी तक विस्तृत था। 1722 शआदत खा को सूबेदार नियुक्त किए जाने के साथ ही अवध लगभग स्वतंत्र हो गया था। वह आराजकता समाप्त करने और बड़े जमींदारों को अनुशासित करने में सफल रहा। उसने एक नई राजस्व व्यवस्था भी लागू की […]

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मुगल साम्राज्य का पतन

1.1) पृष्ठभूमि मुगल साम्राज्य की स्थापना जहीरूद्दीन बाबर द्वारा 1526 ई. में पानीपत के प्रथम विजय के पश्चात की गई थी तथा साम्राज्य का विस्तार उनके उततराधिकारियो के समय में भी जारी रहा । औरंगजेब (1657-1707) के शासन काल में मुगल साम्राज्य का क्षेत्रीय विस्तार अपने चरम पर पहुंच गया था। इसके साथ ही विघटन […]

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कोरोना और सेवा

आज की तारीख में जहां हमारे देश में कोरोना के कारण हालात बद से बत्तर स्थिति में है और देश एक बहुत ही बड़े संकट से जूझ रहा है एवम लाचार से देश के हालात है। वहीं हमारे देश की कुछ NGO और कुछ अन्य संगठन आगे आकर मानवता के हित की रक्षा कर रहे […]

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लोक अदालतों में न्याय की गुणवत्ता पर भी ध्यान हो

हमारी न्यायिक व्यवस्था, गरीबों को उचित न्याय उपलब्ध कराने की संवैधानिक प्रतिबद्धता रखती है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोक अदालतों का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों के ढेर को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को वहन योग्य और त्वरित न्याय दिलवाना रहा है। लोक अदालतों से जुड़ा रोचक […]

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