यूरोप वासियों का आगमन

1.1 पृष्ठभूमि मुगल साम्राज्य की सैनिक तथा सांस्कृतिक उपलब्धियां जो भी रही हो मुगल सम्राट देश की विभिन्न जातियों में एक राष्ट्र की भावना जगाने अथवा सामूहिक रूप से साथ लेकर चलने में पूर्णतया असफल रहे थे। औरंगजेब की मृत्यु के बाद, मुगल साम्राज्य के विघटन की प्रक्रिया तीव्र हो गई थी वहीं दूसरी ओर […]

Continue Reading

मराठा साम्राज्य

मुगल साम्राज्य के विरोध स्वरूप उत्पन्न अन्य सभी शक्तियों की तरह, मराठों का भी मुगल साम्राज्य द्वारा किए गए दमन तथा 27 वर्षों के युद्ध का इतिहास रहा है। यह 1681 में औरंगजेब के नेतृत्व में मुगलों द्वारा मराठा साम्राज्य पर आक्रमण के साथ प्रारंभ हुआ। जब औरंगजेब की चालीस साल के असफल दक्कन युद्ध […]

Continue Reading

2. क्षेत्रीय शक्तियों का उदय

2.1 पृष्ठभूमि 1761 तक , मुगल साम्राज्य केवल नाम मात्र के लिए साम्राज्य रह गया था, क्योंकि इसकी कमजोरियों ने स्थानीय शक्तियों को स्वतंत्र होने का अवसर प्रदान किया।फिर भी , मुगल सम्राट की प्रतीकात्मक सत्ता बनी रही, क्योंकि उन्हें अभी भी राजनीतिक वैधता का स्त्रोत माना जाता था। नए राज्यों ने प्रत्यक्ष रुप से […]

Continue Reading

मुगलों के पतन के क्या परिणाम हुए

ब्रिटिश शासन के लिए भारत के द्वार खुल गए। भारतीयों को एक सूत्र में बांधने वाली कोई प्रणाली नहीं रही। ऐसी कोई ताकत नहीं रही जो पश्चिम से आने वाली शक्तियों से लड़ सके। स्थानीय राजनीतिक और आर्थिक शक्तियां अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने लगी। कई रियासतें स्वतंत्र हो गई, जैसे कि बंगाल, अवध […]

Continue Reading