1.2 समाजवाद

Indian economy संघ लोक सेवा आयोग
  1. समाजवाद का आशय समाज के एक आर्थिक संगठन से है, जिसमें उत्पादन के भौतिक साधन पर संपूर्ण समुदाय का स्वामित्व होता है। यह आर्थिक संगठन, समुदाय के प्रति उत्तरदायी होता है एवम उनके प्रतिनिधि निकायों द्वारा संचालित होता है। समान अधिकारों के आधार पर समुदाय के सभी सदस्यों का इस प्रकार के सामाजिक योजनाबद्ध उत्पादन से प्राप्त परिणामों पर समान अधिकार होता है।
  2. सरल शब्दों में समाजवाद से आशय है – उत्पादन के साधनो पर सामाजिक स्वामित्व, आय की समानता और सभी के लिए अवसर। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी उत्पादक संसाधनों पर राज्य का स्वामित्व हो। केवल उत्पादन के प्रमुख साधन राज्य नियंत्रण के अधीन होने चाहिए, ताकि निजी लाभ की अपेक्षा अर्थव्यवस्था का संचालन सामाजिक लाभ के लिए किया जा सके।

1.2.1 समाजवाद की सामान्य विशेषताएं :-

  1. उत्पादन के साधनों पर सामाजिक स्वामित्व
  2. निजी उद्यम न होना
  3. आर्थिक समानता
  4. अवसर की समानता
  5. आर्थिक नियोजन
  6. सामाजिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा
  7. वर्ग-विहीन समाज

1.2.2 समाजवाद के लाभ

  1. सामाजिक न्याय
  2. संसाधनों का बेहतर आबंटन
  3. त्वरित आर्थिक संव्रद्धि
  4. उत्पादक दक्षता में सुधार
  5. सामाजिक सुरक्षा एवम कल्याण
  6. आर्थिक स्थिरता

1.2.3 समाजवाद की हानियां

  1. नौकरशाही और लाल फीताशाही
  2. व्यवसाय के लिए अनुपयुक्त
  3. संसाधनों का अनुचित आबंटन
  4. प्रोत्साहन का अभाव
  5. आर्थिक स्वतंत्रता का न होना
  6. राज्य में सत्ता का संकेंद्रण
  7. निजी स्वतंत्रता की क्षति

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