सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार

Ethics संघ लोक सेवा आयोग

भ्रष्टाचार एक चुनौती के रूप में सत्यनिष्ठा के ह्रास का एक प्रमुख कारण है। भ्रष्टाचार सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक समस्या से भी आगे बढ़कर एक मनोवृतिक और नैतिक समस्या है। व्यवस्थागत स्तर भ्रष्टाचार वह चुनौती है।

जहां व्यक्ति अपने निजी हितों और स्वार्थ के कारण सार्वजनिक मूल्यों और नैतिकता के साथ समझौता करता है और व्यवस्था को हानि पहुंचाता है। जब निजी व सार्वजनिक हित के बीच द्वंद की स्थिति उत्पन्न होती है तब उस दौरान सार्वजनिक हित का चयन व्यक्ति के व्यक्तित्व पर निर्भर कार्य है। यदि व्यक्ति का व्यक्तित्व कमजोर है तो वह गलत मूल्यों का चयन करता है।

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