सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार : 3

संघ लोक सेवा आयोग

सामाजिक स्तर से आगे बढ़कर यदि प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता स्तर पर भ्रष्टाचार की समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाए तो जहां एक तरफ प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता है वहीं दूसरी तरफ जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी पड़ेगी। इस हेतु संस्थागत स्तर पर निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते है –

  1. सत्यनिष्ठा व्यक्तित्व का आयाम है अतः इसे कानूनी प्रक्रिया से लाए जाने के पूर्व व्यक्तिगत स्तर पर अभ्यास के माध्यम से लाया जाए। इसके लिए Right Brain Development Program संचालित किया जाना चाहिए जो कि योग इत्यादि के माध्यम से व्यक्ति में सकारात्मक विचारों को मजबूत करता है।
  2. संस्थागत स्तर पर समय मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों के माध्यम से अधिकारियों और कार्मिकों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए और उनकी मानसिक स्थिति के आधार पर सुधार की पहल की जाए।
  3. यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सत्यनिष्ठा के मार्ग पर अग्रसर है तो उसे पुरस्कार के तौर पर सम्पूर्ण संगठन के समक्ष उदाहरण के रूप में। प्रस्तुत किया जाए।
  1. Code of Conduct का अनुसरण करेगा। (कानूनी माध्यम से)
  2. जनता की भागीदारी सुनिश्चित करे। CVC के माध्यम से सत्यनिष्ठा विकास हेतु की गई पहल (नागरिक समाज की भागीदारी)
  3. Motivation के माध्यम से

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