भागीदारी आधारित शासन

Ethics संघ लोक सेवा आयोग

भागीदारी आधारित शासन के इस दौर में सरकार निजी क्षेत्र और नागरिक समाज तीनों एक साथ मिलकर कार्य कर रहे है। आज सेवाओं का संपादन लोक-निजी-नागरिक भागीदारी के आधार पर हो रहा है। शासन में EEE बनाए रखने के लिए सिविल सेवकों से यह अपेक्षा की जाती है कि अपने स्वविवेक के आधार पर निर्णय लेते हुए संस्थागत प्रक्रिया को flexible (लोचशील) बनाए रखें।

जब सरकारी संस्थाओं में सिविल सेवक निर्णय की प्रभाबशीलता को बनाए रखने के लिए स्वविवेक का प्रयोग करते है तो उन पर यह दोषारोपण किया जा रहा है कि वह अपने स्वविवेक का प्रयोग निजी स्वार्थ के लिए करते है और निजी क्षेत्र की कंपनियों तथा NGO’S इत्यादि को लाभ पहुंचाने का प्रयास करते है।

4 thoughts on “भागीदारी आधारित शासन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *