समानुभति और कार्य संस्कृति

Ethics संघ लोक सेवा आयोग

इस प्रकार यदि संस्थागत स्तर पर नेतृत्वकर्ता में यदि समानुभूति का गुण है तो वह अपने संस्था के स्तर पर एक अच्छी कार्यसंस्कृति का निर्माण करेगा क्यूंकि प्रायः उच्च स्तर पर निर्णय लेने के दौरान मतभेद और विरोधाभास की स्थिति पाई जाती है। इस दौरान यदि नेतृत्वकर्ता समानुभूति की अवस्था पर रहता है तो वह आपसी तालमेल से काम करता है। इसके अलावा नेतृत्वकर्ता को अपने निम्न स्तर के कर्मिकों से भी काम करवाना व तालमेल स्थापित करना होता है। ऐसी स्थिति में समानुभूति जहाँ एक अच्छे टीम निर्माण का आधार प्रदान करता है वहीँ संस्था के स्वरुप को लोकतान्त्रिक रूप देता है। समानुभूतिक गुण वाला नेतृत्वकर्ता सदैव अपने निम्न स्तर के कर्मियों को उच्च स्तर पर रखने का मौका देगा जिससे उच्च प्रबंधन को संस्थागत स्तर पर समस्याओं का सही पता चल पायेगा।

                             जब एक समानुभूतिक गुण वाला नेतृत्वकर्ता निम्नस्थ कर्मियों से समानुभूतिक व्यव्हार करता है तो निम्नस्थ कर्मिक भी समानुभूति के गुण को सीखते है और संस्था का निचला स्तर आपसी मतभेद और मनमुटाव को अपने स्तर पर समाधान कर लेगा। 

                                  किसी भी सस्था की अंतर्क्रिया उसके जनता या ग्राहकों से होती है। संस्था को अपने जनता व ग्राहकों के प्रति समानुभूतिक व्यव्हार अपनाते हुए ग्राहकोन्मुखी चरित्र को धारण करना चाहिए। इस प्रकार समानुभूति एक ऐसा माध्यम है जहाँ संस्था का व्यव्हार और उसकी कार्यसंस्कृति सकारात्मक रूप से प्रस्तुत होती है। 

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