Economics : सामान्य परिचय

Indian economy संघ लोक सेवा आयोग

अर्थशास्त्र शब्द की उत्पत्ति एक यूनानी शब्द OIKONOMIA से हुई है। यह शब्द OIKOS तथा NOMOS दो शब्दों के मेल से बना है। OIKOS का अर्थ है परिवार अथवा गृहस्थी जबकि NOMOS का अर्थ है प्रबंधन अतः OIKONOMIA का अर्थ है – गृह प्रबंधन। अतः यह कहा जा सकता है किअर्थशास्त्र वह विषय है जिसके अध्ययन से गृह प्रबंधन की प्रैक्रिया का अध्ययन किया जाता है। गृह प्रबंधन कि यह प्रक्रिया इस बात को सम्बोधित करती है कि किस प्रकार एक परिवार अथवा व्यक्ति अपने सीमित संसाधनों का उपयोग कर अपने व्यय को पूरा करती है। परन्तु यह अर्थशास्त्र कि सबसे साधारण परिभाषा है। अर्थशास्त्र का दायरा इससे कही ज्यादा विस्तृत है। अतः अन्य शब्दों में यह कहा जा सकता है कि अर्थशास्त्र वह विषय है जिसके माध्यम से वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन, वितरण एवं उपभोग कि प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को अर्थव्यवस्था कहते है एवं इस विषय को अर्थशास्त्र कहते है। अतः यह पूरी व्यवस्था जो कि उत्पादन से लेकर उपभोग तक की है, इसका अध्ययन अर्थशास्त्र के माध्यम से किया जाता है। एक विषय के र्रोप में अर्थशास्त्र को दो भागों में बनता जाता है-

i) Micro Economics (व्यष्टि अर्थशास्त्र)

ii) Macro Economics (समष्टि अर्थशास्त्र)

(Micro) व्यष्टि एक यूनानी शब्द है, जिसका अर्थ है- सूक्ष्म। इसी प्रकार Macro (समष्टि) एक यूनानी शब्द है, जिसका अर्थ है बड़ा। यह वर्गीकरण नार्वे के प्रसिद्द अर्थशास्त्री Ragnar Frisch ने किया था परन्तु इस वर्गीकरण को प्रचलित John Keynes ने किया था। Ragnar Frisch को अर्थशास्त्र का 1969 में अर्थशास्त्र का प्रथम नोबल पुरस्कार दिया गया। इन्ही के साथ यह पुरस्कार हॉलैंड के Jan Timebergen को भी दिया गया था। अर्थशास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार को औपचारिक तौर पर Sveriges Riksbank Prize for Economics Science कहा जाता है। इसे स्वीडेन की केंद्रीय बैंक Bank Svereiges Riksbank ने देना प्रारम्भ किया था। यह विश्व की प्राचीनतम केंद्रीय बैंक है।

व्यष्टि अर्थशास्त्र अर्थव्यवस्था के सूक्ष्म हिस्सों का अध्ययन करता है। यह एक परिवार के स्तर पर एवं एक औद्द्योगिक इकाई के स्तर पर आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन करता है। व्यष्टि अर्थशास्त्र उस बाजार का भी अध्ययन करता है जहाँ वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद बिक्री होती है। यह मांग एवं आपूर्ति की भी प्रक्रिया का अध्ययन करता है। अन्य शब्दों में व्यष्टि अर्थशास्त्र अर्थव्यवस्था के उन सूक्ष्म हिस्सों का अध्ययन करता है जिनसे अर्थव्यवस्था का निर्माण होता है।

दूसरी ओरयह कहा जा सकता है कि समष्टि (Macro) अर्थशास्त्र के व्यापक स्वरुप का अध्ययन करता है। अन्य शब्दों में समष्टि अर्थशास्त्र राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक क्रियाओं का अध्ययनकरता है। यह किसी भी देश में आर्थिक संवृद्धि (Growth), आर्थिक विकास, राष्ट्रीय आय, आर्थिक नीतियां, मुद्रास्फीति, बेरोजगारी आदि का अध्ययन करता है। परन्तु व्यष्टि अर्थव्यवस्था एवं समष्टि अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से घनिष्ठ तौर पर सम्बंधित होते है इन्हे पृथक नहीं किया जा सकता। ये दोनों ही एक दूसरे को प्रभावित करते है।

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