समानुभूति VS करुणा (Compassion)

Ethics संघ लोक सेवा आयोग
  1. समानुभूति जहाँ किसी व्यक्ति कि भावनात्मक समझ को व्यक्त करता है वंही करुणा कि शुरुआत समानुभूति से ही होती है। जब समानुभूति कि अवस्था में व्यक्ति संवेदना के ‘हम’ कि अवस्था पर खड़ा होता हो और वह पीड़ित व्यक्ति कि पीड़ा को दूर करने के लिए क्रियात्मक रूप में आ जाता है, करुणा कहलाती है।
  2. समानुभूति भावनात्मक समरूपता कि स्थिति होती है जहाँ उच्चस्थ-निम्नस्थ का भेद ख़त्म हो जाता है परन्तु करुणा कि स्थिति में उच्चस्थ-निम्नस्थ का भाव बना रह सकता है क्यूंकि समाधानकर्ता बौद्धिक रूप से सक्षम हो सकता है और समाधान के दौरान वह ऐसे माध्यमों का प्रयोग कर सकता है जिसमे पीड़ित व्यक्ति क्षुब्ध हो जाये।

संविधान के कुछ अनुच्छेदों के माध्यम से राज्य के करुणामयी स्वरुप का बोध हो सकता है –

  1. article 42 कुछ दशाओं में रोजगार कि उपलब्धता व वृद्धों का कल्याण
  2. article 46 SC-ST वर्ग के लिए शैक्षणिक सहयोग
  3. article 48 दुधारू पशुओं की रक्षा

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