आर्थिक भूगोल- समान्य परिचय

Geography संघ लोक सेवा आयोग
  • आर्थिक भूगोल की शुरुआत 1862 मे एन्ड्रे ने किया था। इनकी पुस्तक “geography des welth endes “थी, जिसे आर्थिक भूगोल का प्रारम्भ माना जाता है। आर्थिक भूगोल के अन्तर्गत मानव की आर्थिक क्रियाकलापों का अध्ययन किया जाता है। मानव की आर्थिक क्रियाएं भौगोलिक स्थिति के अनुरूप विशिष्ट होती हैं। आर्थिक क्रियाएं भौतिक जलवायिक कारकों एवं प्रदेश विशेष के प्राकृतिक संसाधन एवं संसाधनों के उपयोग के स्तर पर निर्भर करता है।
  • गोट्स ने 1882 में आर्थिक भूगोल को वाणिज्य भूगोल से अलग कर दिया।
  • 1920 तक आर्थिक भूगोल में नियतिवाद विचारधारा का प्रभाव रहा।
  • 1920 के बाद ली.फेब्रे ने नियतिवाद विचारधारा के विपरीत संभववाद का प्रभाव स्थापित किया।
  • जिबरमैन एवं मिचेल के अनुसार मनुष्य का ज्ञान ही सबसे बड़ा संसाधन है। जिबरमैन ने संसाधनो की पर्याप्तता एवं वितरण के अनुसार प्राकृतिक संसाधनो को 4 भागों में विभाजत किया है।

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