प्रागैतिहासिक एवम ताम्रपाषाण काल : एक समझ

Ancient History संघ लोक सेवा आयोग

सैंधव संभ्यता से पूर्व का समय प्रागैतिहासिक काल कहलाता है। इस काल के इतिहास की जानकारी का प्रमुख साधन पाषाण से बने विभिन्न प्रकार के औजार है। इसलिए इस काल को आम तौर पर पाषाण युग के नाम से जाना जाता है। इस काल में लेखन की शुरुआत नही हुई थी, अतः कोई लिखित विवरण नहीं मिलता है।

मानव विकास:-

भूवैज्ञानिक दृष्टि से पृथ्वी करीब 48 अरब वर्ष पुरानी है तथा इस पर जीवन का आरंभ 35 अरब वर्ष पूर्व हुआ। 35 वर्ष पूर्व एक कपि-समूह उष्ण कटिबंध के घने जंगलों से बाहर निकल आया। जलवायु परिवर्तन के कारण एक तरफ जहां जंगल सिमटते जा रहे थे वही दूसरी तरफ कपि संख्या जंगल की तुलना में बढ़ती जा रही थी। ये कपि जंगल की सीमा पर मंडराते रहते थे और आगे चलकर मैदानी जीवन के लिए अनुकूलित हो गए। इस अनुकूलन से तीन महत्वपूर्ण परिवर्तन आए –

a) उपकरण प्रयोग

b) अर्द्ध- उत्तान मुद्रा में चलना

c) हाथों का मुक्त हो जाना

प्राक इतिहास : एक नजर में

मानव विकास की समझ के लिए पृथ्वी के भू- गर्भिक विकास को समझना आवश्यक है।

पृथ्वी का वर्तमान कल्प नूतनजीव महाकल्प ( Cenozoic Era) है। मनुष्य की पूर्वज परंपरा मध्यनूतन( Miocene) से शुरू हुई क्योंकि 2 करोड़ वर्ष पूर्व भारत में शिवालिक निक्षेपों से रामापिथेकस के साक्ष्य प्राप्त हुए थे। अत्यंतनूतन काल ( Pleistocene) से प्राक इतिहास की शुरुआत होती है। पाषाण के मिले औजारों की प्रकृति के आधार पर इसे निम्न अवस्थाओं में वर्गीकृत किया जाता है।

रामापीथेकस ( लगभग 2 करोड़ वर्ष पूर्व) : यह पूर्वज समूह विभाजन की शाखा बन गया।

आस्ट्रेलोपिथेकस : इसने खुले घास के मैदान ढूढना पसंद किया तथा मानव का आदि पूर्वज बना। यह पूर्व अत्यंतनूतन काल में प्रकट हुआ।

पिथेकेंथ्रोपास या होमोइरेक्टस या इरेक्टस ( आरंभिक मध्य- अत्यंत नूतन काल में) : अधिक विकसित मानव जाति।

नियंडरथाल या पेकिंग मानव : मानव-पूर्वजों में पहले प्राणी जिन्होंने न केवल हिमाच्छादित क्षेत्र की चुनौती को स्वीकार किया बल्कि समशीतोष्ण क्षेत्रों के भीतर पहुंच गए।

होमोसेपियन सेपिएंस : लगभग 30,000 वर्ष पूर्व आधुनिक मानव का विकास।

पाषाण काल : पाषाण काल को 3 भागों में बांटा जाता हैं –

  1. पुरापाषाण काल ( Paleolithic age) (6 लाख – 10,000 वर्ष पूर्व)
  2. मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) (9000 इ.पू – 4000 इ. पू)
  3. नवपाषाण युग (Neolithic Age) [9000(विश्व)/7000(भारत) – 2000 वर्ष पूर्व]

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