भारतीय कलाएं

Art and culture संघ लोक सेवा आयोग

स्थापत्य कला / वास्तुकला :

  1. प्राचीन भारतीय – i) स्तूप, ii) मंदिर, iii) चैत्य एवम विहार
  2. मध्यकालीन भारतीय – मिनार, मेहराब, गुम्बद, मकबरा, मस्जिद
  3. आधुनिक भारतीय – i) Ned classical शैली, ii) गोथिक शैली, iii) सारसेनिक
  • प्राचीन भारतीय स्थापत्य

स्तूप स्थापत्य – 1) संकल्पना एवम बनावट

2) प्रकार

3) दर्शन

4) विकास के चरण

5) महत्वपूर्ण स्तूपों में तुलनात्मक अध्ययन –

  • सांची
  • भरहुत
  • अमरावती

संकल्पना एवम बनावट :

स्तूप का शाब्दिक अर्थ भूप, भुहा या ढेर होता है। स्तूप समाधि का प्रतिक प्रतीक स्थापत्य संरचना होता है जो किसी संत आचार्य आदि की स्मृति में उसके शारीरिक अवशेषों या पवित्र सामग्री के ऊपर बनाया जाता है।

स्तूप का मूल भाग ‘अंड’ कहलाता है जो अर्धगोलाकर उल्टे कटोरे की भांति बना एक महत्वपूर्ण संरचना है। अंड के ऊपर आड़े-तिरछे कई पत्थरों को जोड़ कर ‘हर्मिका’ नामक संरचना बनी होती है। हर्मिका के ऊपर ‘क्षत्रावलियां’ बनी होती है। भूतल पर स्तूपों को चारो तरफ से घेरा जाता है जिसे ‘वेदिका’ कहा जाता है जिसमे चारों दिशाओं में प्रवेश द्वार होते है जिसे तोरण द्वार कहा जाता है। वेदिका एवम तोरण द्वार अनेक घटनाओं के शिप बने होते है।

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