स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 Swachh Survekshan 2020

राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग

20 अगस्त, 2020 को भारतीय प्रधानमंत्री स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 (Swachh Survekshan 2020) के परिणामों की घोषणा करेंगे। यह देश के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का पांचवाँ संस्करण है।

प्रमुख बिंदु:

  • स्वच्छ महोत्सव’ के नाम से आयोजित कार्यक्रम में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों एवं राज्यों को कुल 129 पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है जिसमें कुल 4242 शहरों, 62 छावनी बोर्डों और 92 गंगा तटीय शहरों की रैंकिंग की गई है। इस सर्वेक्षण में 1.87 करोड़ नागरिकों की अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की गई है।
  • इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा किया जा रहा है।

स्वच्छ सर्वेक्षण:

  • भारत सरकार द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत स्वच्छता मिशन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • इसके साथ ही इसका उद्देश्य भारत के सबसे स्वच्छ शहर बनने की दिशा में शहरों के बीच एक स्वस्थ्य प्रतिस्पर्द्धा की भावना पैदा करना भी है।

पूर्व में संपन्न कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षणों पर एक नज़र:

  • भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने जनवरी 2016 में 73 बड़े शहरों की रेटिंग के लिये स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 संपन्न कराया था।
  • इसके बाद 434 शहरों की रैंकिंग के लिये जनवरी-फरवरी 2017 में स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 कराया गया था।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में 4203 शहरों की रैंकिंग की गई थी।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में न केवल 4237 शहरों को शामिल किया गया बल्कि 28 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया यह पहला डिजिटल सर्वेक्षण भी था।

स्वच्छ सर्वेक्षण लीग:

  • भारत सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में शहरों के ज़मीनी प्रदर्शन के निरंतर मूल्यांकन एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिये स्वच्छ सर्वेक्षण लीग की शुरूआत की थी।
  • इसमें तीन तिमाहियों में शहरों एवं कस्बों का एक त्रैमासिक स्वच्छता मूल्यांकन किया गया। जिसके 25% आँकड़े इस वर्ष के अंतिम स्वच्छ सर्वेक्षण परिणाम में शामिल किये गए।

स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत अब तक प्रदान किये गए पुरस्कार:

  • स्वच्छ सर्वेक्षण के पहले संस्करण में मैसूर शहर (कर्नाटक) ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार जीता था जबकि इंदौर लगातार तीन वर्षों (2017, 2018, 2019) से शीर्ष स्थान पर है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की विशेषताएँ:

  • मात्र 28 दिनों में संपन्न होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं:
  • 1.7 करोड़ नागरिकों ने स्वच्छता एप पर पंजीकरण किया।
  • सोशल मीडिया पर 11 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा।
  • समाज कल्याण योजनाओं से 5.5 लाख से अधिक स्वच्छता कार्यकर्त्ता जुड़े और कचरा बीनने वाले 84,000 से अधिक अनौपचारिक लोगों को मुख्यधारा में शामिल किया गया।
  • कचरे का प्रमुख केंद्र बन चुकी 21,000 से अधिक जगहों की पहचान की गई और उनका कायापलट किया गया।
  • स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के लिये भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सहयोगी संगठनों का एक साथ आना। जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID), बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF), गूगल आदि शामिल हैं

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