सेंट फ्राँसिस जेवियर

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सेंट फ्राँसिस जेवियर’ की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को गोवा में ‘सेंट फ्राँसिस जेवियर फीस्ट’ का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन गोवा स्थित ‘बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस’ में किया जाता है, जो यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है।‘सेंट फ्राँसिस जेवियर’ आधुनिक समय के सबसे महान रोमन कैथोलिक मिशनरी थे, जिन्होंने भारत में ईसाई धर्म की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ‘सेंट फ्राँसिस जेवियर’ का जन्म 3 दिसंबर, 1552 को स्पेन में हुआ था। स्पेन में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 1525 में 19 वर्ष की आयु में पेरिस की यात्रा की। वर्ष 1534 में पेरिस में उन्होंने लोयोला के सेंट इग्नाटियस के नेतृत्व में ‘सोसाइटी ऑफ जीसस’ या ‘जेसुइट्स’ के पहले सात सदस्यों में से एक के रूप में प्रतिज्ञा ली। पुर्तगाल के राजा ‘जॉन-III’ द्वारा सेंट जेवियर को ईस्ट इंडीज़ के लोगों के बीच प्रचार करने के लिये नियुक्त किया गया। इसी अभियान के हिस्से के तौर पर वे मई 1542 में गोवा आए. जहाँ उन्होंने पहले पाँच महीने बीमारों का उपचार करने और उनकी सेवा करने में बिताए। इसके पश्चात् वे जापान गए, वहाँ उन्होंने मिशनरी गतिविधियों को आगे बढाया। वे तकरीबन 10 वर्षों (मई 1542 से दिसंबर 1552) तक मिशनरी गतिविधियों में संलग्न रहे और उनके इस कार्य के लिये उन्हें ‘अपोस्टल ऑफ इंडीज़’ तथा ‘अपोस्टल ऑफ जापान’ के नाम से भी जाना जाता है।

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