मुगलों के पतन के क्या परिणाम हुए

Medieval history इतिहास राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग
  • ब्रिटिश शासन के लिए भारत के द्वार खुल गए।
  • भारतीयों को एक सूत्र में बांधने वाली कोई प्रणाली नहीं रही।
  • ऐसी कोई ताकत नहीं रही जो पश्चिम से आने वाली शक्तियों से लड़ सके।
  • स्थानीय राजनीतिक और आर्थिक शक्तियां अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने लगी।
  • कई रियासतें स्वतंत्र हो गई, जैसे कि बंगाल, अवध और हैदराबाद आदि।

निष्कर्ष

समग्रत: यह निष्कर्ष निकलता है कि मुगल साम्राज्य का पतन और विघटन आर्थिक और सामाजिक ,राजनीतिक तथा संगठनात्मक कारणों से हुआ।अकबर की नीतियों से विघटन के तत्वों पर कुछ समय तक प्रभावशाली नियंत्रण रखा जा सका, लेकिन समाज व्यवस्था में कोई मूलभूत परिवर्तन कर पाना अत्यधिक जटिल था। जब तक औरंगजेब ने सिंहासन संभाला, विघटन की सामाजिक और आर्थिक शक्तियां अधिक शक्तिशाली हो चुके थीं।इस व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन करने के लिए औरंगजेब में राजनीतिक योग्यता और दूरदर्शिता दोनों की कमी थी।वह ऐसी नीतियों के पालन में भी असमर्थ रहा जिनसे परस्पर विरोधी तत्वों पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जा सकती थी। इस प्रकार औरंगजेब ना केवल परिस्थितियों का शिकार था बल्कि उसने स्वयं ऐसी परिस्थितियों को जन्म देने में योगदान दिया जिनका वह स्वयं शिकार बना।

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