भारत का संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था : कक्षा [1]

भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था
  1. संवैधानिक (constitutional)
  2. गैर संवैधानिक (non constitutional)
  3. गैर संवैधानिक (Anti constitutional)
  4. विधिक
  1. संवैधानिक : – ऐसे प्रावधान, अवधारणाएं, संस्थाएं जिनका उल्लेख संविधान में हो उन्हें संवैधानिक कहते है। राष्ट्रपति,संसद , संघ लोक सेवा आयोग, वित्त आयोग इत्यादि
  2. गैर संवैधानिक:- ऐसे प्रावधान,विचार, अवधारणाएं, संस्थाएं जिनका उल्लेख संविधान में न हो उन्हें गैरसंवैधानिक कहते है।
  3. असंवैधानिक:- ऐसे प्रावधान,विचार, अवधारणाएं, संस्थाएं जो संविधान की भावना के प्रतिकूल हो उसे असवैंधानिक कहते है। जैसे – नक्सलवाद
  4. विधिक:- ऐसे प्रावधान या नियम या कानून जो संसद द्वारा निर्मित किये गए हो उन्हें विधिक कहते है (ऐसे कानून संविधान का अंग नहीं होते है लेकिन संविधान की भावनाओं की अनुकूल होता है।)

विधि : ऐसे नियम जिनके उल्लंघन पर राज्य को दंड देने का अधिकार हो उसे विधि कहते है। विधि को सामान्यतः 2 भागों में बाँट सकते है-
1 ) संवैधानिक विधि :- ऐसी विधियां जिनका उल्लेख संविधान में हों उसे संवैधानिक विधि कहते है।
2 ) साधारण विधि :- संसद को विधि बनाने का अधिकार है। अतः संसद अपनी विधायी शक्ति का प्रयोग करके जिन विधियों का निर्माण करती है वह साधारण विधि है।
साधारण विधि सर्कार का अंग नहीं होती है लेकिन संविधान की भावनाओं की अनुरूप और संविधान पर आधारीत होती है।

साधारण विधि संविधान के प्रतिकूल नहीं हो सकती है।

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