उद्देश्यिका पाठ्यक्रम

भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था
  1. .उद्देश्यिका की पृष्ठ्भूमि
  2. उद्देश्यिका का विश्लेषण
  3. क्या उद्देश्यिका संविधान का अंग है
  4. क्या उद्देश्यिका में संविधान संसोधन संभव है
  5. उद्देश्यिका की आलोचना
  6. उद्देश्यिका का महत्व

1] .उद्देश्यिका की पृष्ठ्भूमि :-

i) उद्देश्यिका की अवधारणा सबसे पहले अमेरिकी संविधान में दिखाई देती है। इसी अमेरिकी संविधान से उद्देश्यिका की अवधारणा को भारत के संविधान में लिया गया है।

ii) भारत के सं था और इसे संविधान सभा ने 22 जनवरी 1947 को स्वीकार कर लिया था। विधान की उद्देश्यिका नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव पर आधारित है जिसे संविधान सभा में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत किया।

iii) उद्देश्यिका की भाषा शैली ऑस्ट्रेलिया से ली गयी है।

2]. उद्देश्यिका का विष्लेषण:-

i) संविधान का स्त्रोत:- हम भारत के लोग…..

इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित करते है।

उपरोक्त वाक्य से स्पस्ट है की इस संविधान की अंतिम शक्ति भारत की जनता में निहित है। चूँकि भारत में अप्रत्यक्ष लोकतंत्र है। इसलिए संविधान संसोधन की शक्ति जनप्रतिनिधियों की संस्था संसद को प्राप्त है।

लेकिन संसद की संविधान संसोधन की शक्ति असीमित नहीं है क्यूंकि भारत में संविधानवाद पाया जाता है। जो सीमित शक्ति के सिद्धांत पर आधारित है।

1973 में केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के आधारभूत ढांचे का सिद्धांत दिया था और स्पष्ट किया था की संसद की संसद की संविधान संसोधन की शक्ति इस आधारभूत ढांचे के अधीन है।

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