राष्ट्रीय आय (National Income: NI)

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  1. राष्ट्रीय आय वस्तुतः एक लेखा वर्ष की अवधि के दौरान एक देश के निवासियों द्वारा अपने गृह देश व विदेशों अपनी भूमि श्रम पूंजी और उद्यमी प्रतिभा द्वारा अर्जित कारक/साधन आय का कुल योग है। यह साधन लागत पर निबंध राष्ट्रीय उत्पाद के बराबर होता है इसे बाजार मूल्य पर NNP में से निवल अप्रत्यक्ष कर को घटाकर (जैसा कि ऊपर बताया गया है) प्राप्त किया जाता है।

साधन लागत पर राष्ट्रीय= बाजार मूल्य पर NNP अप्रत्यक्ष कर + सब्सिडी

राष्ट्रीय आय के रूप में साधन लागत पर NNP को अपनाए जाने के निम्नलिखित कारण है:

  1. NNP देश के सभी निवासियों द्वारा अर्जित आय को दर्शाता है। यह सही भी है क्योंकि इसमें विदेशियों द्वारा अर्जित आय को भारत की राष्ट्रीय में शामिल नहीं किया जाता है इस प्रकार NNP को NDP से अधिक वरीयता प्रदान की जाती है।
  2. साधन लागत का प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि निवल अप्रत्यक्ष कर जैसे विक्री कर, उत्पाद शुल्क आदि उत्पादन के साधनों/कारकों (Factor Of Production) के लिए किए गए भुगतान नहीं है अर्थात उत्पादन के कारक को भी इसमें शामिल नहीं किया जा सकता है।
  3. विभिन्न देशों के करो में समानता नहीं है।
  4. भारत जैसे विकासशील देशों में प्रायः वस्तुएं कीमतों के साथ मुद्रित नहीं की जाती है।

2.9 हस्तांतरण भुगतान (Transfer Payments)

  1. हस्तांतरण भुगतान का तात्पर्य सरकार द्वारा ऐसे व्यक्तियों को किए गए भुगतानो से है जिसके बदले में इन व्यक्तियों द्वारा कोई आर्थिक गतिविधियों में सेवा प्रदान नहीं की जाती है वेद अवस्था पेंशन छात्रवृत्ति आदि हस्तांतरण भुगतान के कुछ उदाहरण है।

2.10 व्यक्तिगत आय (Personal Income :PI)

  1. व्यक्तिगत आय सभी व्यक्तियों या परिवारों द्वारा 1 वर्ष में अर्जित कुल आय होती है इसमें LPG सब्सिडी जैसे हस्तांतरण भुगतान भी शामिल है। परिवारों द्वारा कल्याणकारी भुगतान प्राप्त किए जाते हैं परंतु यह भुगतान राष्ट्रीय आय के घटक नहीं होते हैं क्योंकि यह हस्तांतरण भुगतान होते हैं।
  2. कि प्रकार राष्ट्रीय आय लेखांकन में कुछ ऐसी आए शामिल कर ली जाती है जो व्यक्तियों की व्यक्तिगत आय होती है परंतु जो व्यक्तियों को वास्तव में प्राप्त नहीं होती है इसे अमित रिप्लाई सामाजिक सुरक्षा हेतु कर्मचारी का योगदान कॉरपोरेट इनकम टैक्स आए आदि। इन्हें राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाता है परंतु व्यक्तियों द्वारा इन्हें प्राप्त नहीं किया जाता है इसलिए व्यक्तिगत आय का अनुमान लगाने के लिए इनको राष्ट्रीय में से घटाया जाता है इस प्रकार व्यक्तिगत आय है :

व्यक्तिगत आय = राष्ट्रीय आय + हस्तांतरण भुगतान ही कॉरपोरेट प्रतिधारित आय, आयकर, सामाजिक सुरक्षा कर

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