लोकतांत्रिक

Polity भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग

इसका अर्थ है कि भारतीय राज्य व्यवस्था शासन के जिस प्रकार को स्वीकार करती है वह लोकतंत्र है, ना कि राजतंत्र, अधिनायकतंत्र या कुछ और। इसका अर्थ है कि भारत का शासन भारत की जनता द्वारा ही चलाया जाता है। जो कि भारत का क्षेत्रफल और जनसंख्या बहुत अधिक है स्वभाविक है क्या प्रत्यक्ष लोकतंत्र चलाया जाना संभव नहीं है। जनता निर्वाचन के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों को चुनती है और यह प्रतिनिधि विधायिका और कार्यपालिका का संचालन करते हैं ऐसे लोकतंत्र को प्रतिनिधि लोकतंत्र या अप्रत्यक्ष लोकतंत्र भी कहा जाता है। भारतीय जनता में विद्यमान क्षेत्रीय भाषाई धार्मिक और नस्लीय वैद्य को देखते हुए यहां बहुदलीय लोकतंत्र को स्वीकार किया गया है। यह लोकतंत्र वैचारिक स्तर पर उदार लोकतंत्र की कार्य विधियों का समर्थन करता है किंतु आर्थिक न्याय के उद्देश्य के कारण समाजवादी लोकतंत्र के काफी नजदीक पहुंच जाता है। भारत में निर्वाचन आयोग के रूप में एक ऐसी महत्वपूर्ण संस्था है जो निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने का प्रयास करती है। समय-समय पर भारत में निर्वाचन सुधार भी होते रहे हैं जो लोकतंत्र के प्रति भारतीय राज्य संघ प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।

  • गणराज्य (Republic):- भारत एक गणराज्य है। गणराज्य अगड़तंत्र उस राज्य को कहते हैं हर नागरिक किसी भी पद पर आसीन होने की अहर्ता रखते हैं। ऐसे राज्य में राज्य प्रमुख भी वंशानुगत ना होकर जनता द्वारा प्रत्यक्ष या परोक्षतः निर्वाचित होते हैं। अमेरिका और फ्रांस की तरह भारत में इस प्रणाली को स्वीकार किया है। यही कारण है कि भारत का राष्ट्रपति वंशानुगत ना होकर भारत की जनता द्वारा परोक्ष रूप से निर्वाचित होता है। इस दृष्टि से ब्रिटेन की स्थिति विशिष्ट है। यद्यपि आधुनिक लोकतंत्र का आरंभ वही हुआ था तब भी वहां की राजव्यवस्था अभी तक गणतंत्र आत्मक नहीं हो सकी है क्योंकि अभी भी वहीं ब्रिटेन में राजमुकुट धारण करने वाले वंशानुगत राजा रानी को ही राज्य का अध्यक्ष माना जाता है।

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