चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम: उत्तराखंड

राज्य लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग

उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में ‘चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम’ को वापस लेने की घोषणा की है। इस निर्णय के पश्चात् ‘उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड’ समाप्त हो जाएगा। दिसंबर 2019 में उत्तराखंड सरकार ने राज्य विधानसभा में ‘उत्तराखंड चारधाम तीर्थ प्रबंधन विधेयक’ पेश किया था। जनवरी 2020 में यह अधिनियम बन गया, जिसके तहत ‘उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड’ का गठन किया गया। मुख्यमंत्री इस बोर्ड का अध्यक्ष होता है, जबकि राज्य के धार्मिक मामलों का मंत्री बोर्ड का उपाध्यक्ष होता है। इस बोर्ड के तहत कुल 53 मंदिर शामिल हैं, जिनमें चारधाम मंदिर- बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तथा इन मंदिरों के आसपास स्थित अन्य मंदिर हैं। इस बोर्ड का गठन मंदिरों के प्रबंधन के लिये एक सर्वोच्च शासी निकाय के रूप में किया गया था, जिसे नीतियाँ बनाने, अधिनियम के प्रावधानों को निष्पादित करने, बजट तैयार करने और व्यय को मंज़ूरी देने संबंधी शक्तियाँ प्राप्त थीं। इस बोर्ड को दी गई विभिन्न शक्तियों के कारण इन मदिरों से संलग्न विभिन्न समुदायों द्वारा इस बोर्ड का विरोध किया जा रहा था, जिसके कारण सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है।

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