प्रजातांत्रिक प्रक्रियाएं

गणराज्यों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इनकी प्रजातांत्रिक प्रक्रियाएं थी। ये बड़े बड़े संस्थागारो (सभाभवन) में बैठक करते थे। सभा के संचालन के लिए अध्यक्ष (आसन्न प्राशन) होता था। कोरम (गणपूर्ति) का ध्यान रखा जाता था। मुद्दों पर चर्चा एवम बहस होती थी। गुप्त मतदान किया जाता था एवम बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाता […]

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गणराज्य

600 BC में राजनीति का एक दूसरा प्रकार गणतंत्रात्मक था। हिमालय की तराई ( पूर्वी यूपी से बिहार के बीच) में उस समय 10 गणराज्यों की सूचना मिलती है। इसमें वैशाली, मिथिला के विदेह, रामग्राम के कोलिय ( बुद्ध की माता इसी गणराज्य में थी) , पावा तथा कुशीनार के मल्ल प्रमुख थे। तंत्रमात्मक राजनीति […]

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प्रागैतिहासिक एवम ताम्रपाषाण काल : एक समझ

सैंधव संभ्यता से पूर्व का समय प्रागैतिहासिक काल कहलाता है। इस काल के इतिहास की जानकारी का प्रमुख साधन पाषाण से बने विभिन्न प्रकार के औजार है। इसलिए इस काल को आम तौर पर पाषाण युग के नाम से जाना जाता है। इस काल में लेखन की शुरुआत नही हुई थी, अतः कोई लिखित विवरण […]

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