नैतिक मूल्य आत्मनिष्ठ है या वस्तुनिष्ठ

वस्तुनिष्ठता (Objectivity) से तात्पर्य ऐसी स्थिति से है जिसके संबंध में सर्वसम्मति रहती है। वहां कोई मतभिन्नता नहीं होती। पूर्ण वस्तुनिष्ठता की स्थिति हम ‘शुद्ध गणित’ (Pure mathematics) और ‘शुद्ध तर्कशास्त्र’ (Pure logic) में पाते हैं। वहीं, आत्मनिष्ठता (Subjectivity) की स्थिति में मतभिन्नता स्वाभाविक तौर पर पाई जाती है। अब यदि हम नैतिक मूल्यों की […]

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मूल्यों के प्रकार

मानवीय मूल्यों को प्रमुखता दो भागो में बांटा जा सकता है – उद्देश्य की दृष्टि से : इस दृष्टि से मानव मूल्य ‘ साध्य ‘ और ‘ साधन ‘ दो उपवर्गों में विभाजित होते हैं। साध्य मूल्य वे मूल्य है जिन्हे हम पाना चाहते है। जैसे शांति, संतोष, न्याय, स्वतंत्रता, समानता, ज्ञान आदि। साधन मूल्य […]

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नीतिशास्त्र और मानवीय सह-सम्बन्ध (ETHICS AND HUMAN INTERFACE)

मानव मूल्य (Human Value) : ‘मानव मूल्य’ में जिस शब्द को समझने की जरुरत है वह है – ‘मूल्य’ । सामान्य शब्दों में हम कह सकते है, जिसका जितना महत्व है उसका उतना मूल्य है। मूल्य की व्याख्या विभिन्न क्षेत्रों में अपने अपने तरीके से होती है। जैसे, अर्थव्यवस्था में जिसकी जितनी मांग है उसका […]

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भारत में ब्रिटिश शासकों की आर्थिक नीति एवम उसका प्रभाव

भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश प्रभाव मुगल शासक औरंगजेब की मृत्यु के बाद सहज ही परिलक्षित होने लगा था। उच्चवर्ती मुगल शासकों द्वारा तत्कालीन यूरोपीय व्यापारियों को दी गई उदारतापूर्वक रियायतों ने स्वदेशी व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही व्यापार और वाणिज्यिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ती गई। ऐसी स्थिति में यहां की घरेलू अर्थव्यवस्था […]

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