स्तूपों का उद्भव एवम विकास

स्तूप की चर्चा सर्वप्रथम ऋग्वेद में प्राप्त होती है। बौद्ध परंपरा (महापरिनिर्वाण सूत) के अनुसार बुद्ध के पूर्व चक्रवर्ती राजाओं एवम संतो के लिए स्तूप बनवाए जाते थे। गतपथ ब्राम्हण में भी इसकी चर्चा मिलती है। बौद्ध परंपराओं में इसका विकास बुद्ध की मृत्यु के बाद किया गया जिसे चार चरणों में बांटकर देखा जा […]

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स्तूपों के प्रकार

स्तूप मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते है – शारीकिक स्तूप : बुद्ध या किसी संत के शारीरिक अवशेषों पर बना। परिभोगिक स्तूप : संतों/ आचार्यों द्वारा उपभोग की गई वस्तुओं पर बना। उद्देश्यिक स्तूप : बौद्ध धर्म के प्रचार के उद्देश्य से बना। पूजार्थक स्तूप : पूजा के उद्देश्य से बना। स्तूपों का […]

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भारतीय कलाएं

स्थापत्य कला / वास्तुकला : प्राचीन भारतीय – i) स्तूप, ii) मंदिर, iii) चैत्य एवम विहार मध्यकालीन भारतीय – मिनार, मेहराब, गुम्बद, मकबरा, मस्जिद आधुनिक भारतीय – i) Ned classical शैली, ii) गोथिक शैली, iii) सारसेनिक प्राचीन भारतीय स्थापत्य स्तूप स्थापत्य – 1) संकल्पना एवम बनावट 2) प्रकार 3) दर्शन 4) विकास के चरण 5) […]

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यूनिट -1 संविधान का निर्माण एवम दर्शन

अध्याय 1: एतिहासिक पृष्ठभूमि भारत का संवैधानिक विकास :- भारत का संविधान एक दिन की उपज न होकर वर्षों के अनुभव का प्रकाश पुंज है। इसकी जड़े स्वतंत्रता के वट वृक्ष की जड़ों से जकड़ी हुई है। इसका इतिहास ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के साथ प्रारंभ और अंत सन् 1950 में होता है। 24 […]

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प्रागैतिहासिक एवम ताम्रपाषाण काल : एक समझ

सैंधव संभ्यता से पूर्व का समय प्रागैतिहासिक काल कहलाता है। इस काल के इतिहास की जानकारी का प्रमुख साधन पाषाण से बने विभिन्न प्रकार के औजार है। इसलिए इस काल को आम तौर पर पाषाण युग के नाम से जाना जाता है। इस काल में लेखन की शुरुआत नही हुई थी, अतः कोई लिखित विवरण […]

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मुद्रास्फीति के प्रकार( कारण के आधार पर)

3. संरचनात्मक मुद्रास्फीति (Structural Inflation) यह किसी भी अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक संरचनाओं के कारण उत्पन्न होती है। उदाहरण स्वरूप – यदि परिवहन की सुविधाएं अथवा भंडारण की व्यवस्था में कमी हो। संरचनात्मक मुद्रास्फीति जमाखोरी, कालाबाजारी एवम व्यवसायी समूहीकरण के कारण ही उत्पन्न होती है। जमाखोरी(Hoarding) वह प्रक्रिया है जिसमे एक विक्रेता अथवा बिचौलिया किसी उत्पाद […]

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मुद्रास्फीति के प्रकार( कारण के आधार पर)

2. लागत जनित मुद्रास्फीति (Cost Push Inflation) :- लागत जनित मुद्रास्फीति प्रत्यक्ष तौर पर मांग से सम्बन्धित भी है। यह किसी भी अर्थव्यवस्था में उत्पादन की प्रक्रिया में व्यय के बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। अन्य शब्दों में यदि कच्चे माल के मूल्य में बढ़ोत्तरी हो जाए अथवा किसी भी अन्य प्रकार के लागत […]

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मुद्रास्फीति के प्रकार( कारण के आधार पर मुद्रास्फीति के प्रकार)

मांग जनित मुद्रास्फीति (Demand Pull Inflation) यह किसी भी अर्थव्यवस्था में मांग में बढ़ोत्तरी के कारण उत्पन्न होती है। यदि उपभोक्ता के पास आय में बढ़ोत्तरी के कारण अथवा बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण की प्राप्ति के कारण ज्यादा धन राशि बचे तब ऐसे में मांग में बढ़ोत्तरी होती है। यदि मांग में […]

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INFLATION (मुद्रास्फीति )

मुद्रास्फीति वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में निरंतर बढोत्तरी की वह दशा है जिसके कारण एक देश की मुद्रा की क्रय क्षमता में कमी उत्पन्न होती है। यही कारण है कि जब किसी मुद्रा की क्रय क्षमता शून्य हो जाती है तब उसे परिचालन से बाहर किया जाता है। वर्तमान में भारत में प्रयोग होने […]

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समावेशी विकास एवं सतत विकास ( समावेशी )

समावेशी विकास के दो प्रमुख पक्ष होते है: – सबका विकास * चौतरफा विकास सबका विकास से तात्पर्य है विकास की प्रक्रिया में समाज का एक भी सदस्य पिछड़ा न रह जाये। अर्थात विकास की प्रक्रिया का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को प्राप्त हो। यह प्रक्रिया महात्मा गाँधी के अंत्योदय ( निम्न स्तर वाला) एवं सर्वोदय […]

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